गर्भाशय से होने वाले रक्तस्राव को असामान्य तब कहा जाता है जब उसमें ये लक्षण मौजूद हों।
- सात दिनों से अधिक समय तक रक्तस्राव होना
- हर 21 दिन से पहले (छोटा चक्र) या हर 35 दिन के बाद (लंबा चक्र) रक्तस्राव होना।
- रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव (रजोनिवृत्ति का अर्थ है पूरे एक वर्ष तक मासिक धर्म का न आना)
- संभोग के बाद रक्तस्राव
- सामान्य नियमित मासिक धर्म चक्रों के बीच रक्तस्राव होना
आजकल सबसे आम समस्या पॉलीसिस्टिक ओवरी है, जिसके कारण असामान्य रक्तस्राव होता है। यह समस्या 14 से 25 वर्ष की आयु वर्ग में देखी जाती है। आमतौर पर नियमित व्यायाम से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
रजोनिवृत्ति के दौरान रक्तस्राव कैंसर का पहला लक्षण हो सकता है, इसलिए इसकी पूरी तरह से जांच करानी चाहिए। संभोग के बाद रक्तस्राव भी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का एक और खतरनाक संकेत है।
फाइब्रॉइड, पॉलिप्स, डिम्बग्रंथि ट्यूमर जैसे अन्य कारण आमतौर पर प्रजनन आयु वर्ग में होते हैं। जांच के माध्यम से निदान तक पहुंचना आसान है।
- पैप स्मीयर
- ट्रांसवजाइनल अल्ट्रासाउंड
- हार्मोनल टेस्ट
उपचार निदान की गई स्थिति पर निर्भर करेगा। बीमारियों के इलाज से बेहतर रोकथाम है। नियमित स्वास्थ्य जांच, वार्षिक या कम से कम दो साल में एक बार, रोकथाम में बहुत सहायक होती है।
चेन्नई के अपोलो महिला अस्पताल में वरिष्ठ सलाहकार प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. विनूथा अरुणाचलम के विचारों को प्रस्तुत करते हुए ।
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